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मृगी (अपस्मार) नासक कवच

Rs.25700

Rs.32800
मृगी क्या है – यह एक बहुत ही खतरनाक बीमारी है। क्योंकि इसके दौरा आने का कोई तय समय या तिथि नहीं है। इसका दौरा रोगी को कभी भी और कही भी आ सकता है। मृगी का दौरा आने पर मरीज के शरीर में कम्पन होता है। आँख की पुतली पूरी तरह बंद या खुली रह जाती है। यानी आँख की पुतली की सक्रियता अस्थाई रूप से समाप्त हो जाती है। मुह से झाग आता है दांत बांध जाते है। मांसपेशिया कठोरे हो जाती है। और रोगी गिर जाता है। खासकर बेहोशी 5 मिनट से 40 मिनट तक रह सकती है। दौरा से पूर्ब रोगी हल्ला भी कर सकता है। इसके दौरे से मरीज की जान तक चली जाती है। मृगी का दौरा अक्सर ज्यादा मात्रा में पानी, ढोलबाजन, रंगबिरंगी चमकीला प्रकाश, भीडभाड, आदि देखने पर आने की सम्भावना बढ़ जाती है। यह कोई फंक्शन वाली जगह पर भी आ सकता है। इस बीमारी के उपचार नहीं के बराबर सक्सेस है। कवच :- मृगी नासक कवच में चार मुखी और पांच मुखी रुद्राक्ष को श्रेणी क्रम में जोड़कर दो श्रंखला के बीच एक ताबीज (यन्त्र) दिया गया है। चुकी यह एक मानसिक बीमारी है। और आयुर्वेद के अनुसार त्रिदोष को बिगड़ने से होता है। इसीलिए ही चार और पांच मुखी रुद्राक्ष का प्रयोग इस कवच में किया गया है। चार मुखी रुद्राक्ष के देव जगत पिता ब्रह्म है और देवी माता सरस्वती है। यह मानसिक संतुलन के साथ साथ एकाग्रता को मजबूत करता है जबकि पांच मुखी रुद्राक्ष साक्षात शिव है। ये त्रिदोष नासक गुण से परिपूर्ण होने के कारन आयुषवर्धक भी कहा जाता है। चार और पांच मुखी रुद्राक्ष को श्रेणी क्रम में जोड़ने पर यह नौ मुखी रुद्राक्ष के समरूप भी कार्य करता है। इसलिए यह राहु और केतु ग्रह की नकारात्मक उर्जा को समाप्त करता है। जबकि इस रोग में राहु और केतु की किसी न किसी रूप में भूमिका अवश्य होती है। ताबीज (यन्त्र) में दर्ज़नो दुर्लभ जड़ी-बूटिया दी गयी है जो की इस कवच का प्राण है इस ताबीज के बगैर यह कवच अधुरा है। यह बहुत ही बेशकीमती ताबीज है। यह निश्चित ही मृगी रोग का नाश करता है। परहेज :- कवच धारण करने के पशचात 2 वर्ष तक मांस, मछली, अंडा, मदिरा आदि का सेवन बिलकुल न करे, रोग निश्चित ठीक होगा ।

कवच हमसे क्यों ले :-


कवच को धारण करने से पूर्व उसे बिभिन्न मंत्रों से अभिमं‍त्रित करना बहुत जरूरी होता है। साथ ही नेपाल के रुद्राक्ष की गुणबत्ता अच्छी मानी जाती है। हमारी संस्था काल-चक्र दर्पण में नेपाली रुद्राक्ष को ही प्रकांड पंडितो के सानिध्य में अभिमंत्रित किया जाता है। हमारी संस्था से ओरिजिनल नेपाली और अभिमंत्रित सामग्री ही ग्राहकों को भेजी जाती है।

Book मृगी (अपस्मार) नासक कवच